रक्तयोद्धा डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने किया 44वीं बार रक्तदान

इंदौर। रक्तदान को मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम मानते हुए लेखक एवं मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने 8 अगस्त को सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, इंदौर में 44वीं बार रक्तदान किया। वे नियमित रूप से रक्तदान करते हैं और लोगों को भी इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करते हैं।

डॉ. अर्पण जैन ने कहा कि रक्त किसी कारखाने में तैयार नहीं होता, बल्कि स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किए गए रक्तदान से ही जरूरतमंदों को जीवनदान मिल सकता है। उन्होंने कहा, “यदि हम सभी नियमित रूप से रक्तदान करें तो देश में रक्त की कमी के कारण किसी जरूरतमंद की जान जाने की स्थिति को काफी हद तक रोका जा सकता है। मैं प्रत्येक चार माह में रक्तदान करता हूँ और रक्तदान करने के बाद मुझे आत्मिक खुशी मिलती है।”

डॉ. जैन लंबे समय से सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न कार्यों में सक्रिय हैं। रक्तदान के प्रति उनकी नियमित प्रतिबद्धता को केन्द्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा भी सराहा जा चुका है। 44वीं बार रक्तदान के अवसर पर उन्होंने युवाओं और स्वस्थ नागरिकों से आगे आकर नियमित रक्तदान करने का आह्वान किया।

उनके इस सेवा कार्य की प्रेस क्लब टीम सहित ब्लड कॉल सेंटर के अशोक नायक, जय सिंह रघुवंशी, डॉ. असलम चरा, अंकित तिवारी आदि ने सराहना की। सभी ने कहा कि नियमित रक्तदान समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का प्रभावी माध्यम है और डॉ. जैन का यह प्रयास अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करेगा।

डॉ. जैन का 44वीं बार रक्तदान यह संदेश देता है कि नियमित रक्तदान केवल किसी जरूरतमंद को जीवन देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में मानवीय संवेदना और सेवा भावना को मजबूत करने का भी महत्वपूर्ण प्रयास है।