अहद प्रकाश जी को जन्मदिन की बधाई

शुभ जन्मदिवस अहद प्रकाश जी अक्षरों को टटोलते-टटोलते जो शब्द ढूंढ लेते है और शब्दों से गढ़ते है ग़ज़ल ,कविता या गीत, और कभी तो पुस्तकों से मकरंद ढूंढ कर लिख देते है समीक्षाएँ,सच ही है कि जो शब्दों से, भावनाओं से और पुस्तकों से इश्क करते हो उनका नाम *अहद प्रकाश जी* है। बड़े […]


हिन्दी योद्धा

हिन्दी योद्धा रत्नगर्भा भारत की धरा पर सदा से ही माँ, मातृभाषा और मातृभूमि के प्रति व्यक्ति के कर्तव्यबोध का व्याकरण बना हुआ है। हमारे यहाँ का ताना-बाना ही संस्कार और संस्कृति के प्रति अपने कर्तव्यों के निर्वाहन का बना है। हमारे यहाँ धर्मग्रन्थ भी ‘जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी’ के सिद्धांत का प्रवर्तन करते है। […]


भारतीय पत्रकारिता में इंदौर शहर का योगदान

भारतीय पत्रकारिता में इंदौर शहर का योगदान डॉ.अर्पण जैन ‘अविचल’ जब धरती के गहन, गंभीर और रत्नगर्भा होने के प्रमाण को सत्यापित किया जाएगा और उसमें जब भी मालवा या कहें इंदौर का जिक्र आएगा निश्चित तौर पर यह शहर अपने सौंदर्य और ज्ञान के तेज से बखूबी स्वयं को साबित करेगा। हिंदी या कहें […]


वह बिनती लोहा…. इंदौर के पथ पर

वह बीनती लोहा…. इंदौर के पथ पर –डॉ अर्पण  जैन ‘अविचल’ भरी दुपहरी में सूर्य के ताप को सहती, जिसके तन पर कपड़े भी मजबूरी ने फाड़ रखे हो, चेहरे की झुर्रियाँ उम्र की ढलान की ओर साफ तौर पर इशारा कर रही है, जिम्मेदारियों का बोझ उठाते-उठाते थके हुए कंधे जो पति के आवश्यकता […]


अबकि बार दिव्यांग को मौका दो यार

बोलने सुनने वालों को देखा अब की बार करने वालों को मौका *–डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’* जी हाँ, सात दशकों से लोकतंत्र निर्माण की प्रक्रिया में भारत की जनता ने हर उस व्यक्ति पर भरोसा किया जिसने सपने दिखाये, जिसने नई राह बताई, नए लोग जोड़े, पर उनमें से सभी यानि शत प्रतिशत तो कामयाब […]


सूतक लग चुका है… सनद रहें

सूतक लग चुका है…. सनद रहें –डॉ.अर्पण जैन ‘अविचल’ चुनावी मौसम खुमार पर आया, शहर के व्यस्ततम क्षेत्र राजवाड़े से माँ अहिल्या की प्रतिमा पर पहले बम के संदेह में जाँच करवाने के बाद भाजपा के मुखिया अमित शाह ने अपने चुनावी अभियान के तहत सड़क मार्ग से जनसंपर्क अभियान का प्रारंभ कर दिया । […]


हिन्दी के सम्मान में, हर भारतीय मैदान में जैसी अलख जगाने वाले का नाम डॉ जैन

कहानी: अनथक हिन्दी योद्धा डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’ से खास भेंट हिन्दी के सम्मान में, हर भारतीय मैदान में जैसी अलख जगाने वाले का नाम डॉ जैन कहानी एक ऐसे व्यक्ति की जो हिन्दी भाषा को भारत में ही सम्मान स्वरुप राष्ट्रभाषा बनाने के लिए संघर्षरत है, जो संगणक विज्ञान अभियंता होने के बावजूद स्थापित […]


मातृभाषा.कॉम | matrubhashaa.com के बारे में

मातृभाषा.कॉम | matrubhashaa.com मातृभाषा.कॉम के बारे में मातृभाषा.कॉम मातृभाषा.कॉम हिन्दी के प्रचार और प्रसार हेतु एक अंतरताना (वेबसाइट) है जिसका उद्देश्य है हिन्दी के नवोदित और स्थापित रचनाकारों की रचनाओं को सहेज कर लोगों तक ऑनलाइन उपलब्ध कराना, जिससे हिंदी के प्रचार के साथ-साथ रचनाकारों के लेखन से जनसामान्य परिचित हो सके। पटल पर लगभग […]


स्तरहीन कवि सम्मेलनों से हो रहा हिन्दी की गरिमा पर आघात

स्तरहीन कवि सम्मेलनों से हो रहा हिन्दी की गरिमा पर आघात डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल‘ कवि सम्मेलनों का समृद्धशाली इतिहास लगभग सन १९२० माना जाता हैं । वो भी जन सामान्य को काव्य गरिमा के आलोक से जोड़ कर देशप्रेम प्रस्तावित करना| चूँकि उस दौर में भारत में जन समूह के एकत्रीकरण के लिए बहाने […]


एक साक्षात्कार – डॉ अर्पण जैन अविचल का…

नाम: डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ पिता: श्री सुरेश जैन माता: श्रीमती शोभा जैन पत्नी: श्रीमती शिखा जैन जन्म: २९ अप्रैल १९८९ शिक्षा: बीई (संगणक विज्ञान अभियांत्रिकी) एमबीए (इंटरनेशनल बिजनेस) पीएचडी- भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ पुस्तकें: १. मेरे आंचलिक पत्रकार ( आंचलिक पत्रकारिता पर केंद्रित पुस्तक ) २. काव्यपथ ( काव्य संग्रह) ३. राष्ट्रभाषा (तर्क और विवेचना) ४. नव त्रिभाषा सूत्र (भारत […]